राज्यहरियाणा

शिक्षा में असमानता बढ़ी: हरियाणा के 9वीं–12वीं के लड़के पढ़ाई छोड़ रहे हैं सबसे ज्यादा

पानीपत
हरियाणा के स्कूलों में लड़कियों की अपेक्षा लड़कों का ड्रॉप आउट ज्यादा है। पहली से पांचवीं कक्षा तक ड्रॉप आउट शून्य है। कक्षा छठी से आठवीं तक 1.7% बच्चे स्कूल छोड़ गए। इनमें 2.4% लड़के व 0.9% लड़कियां हैं। नौवीं से बारहवीं तक ड्रॉप आउट 4.9% है, जिनमें लड़के 6.6% व लड़कियां 2.7% हैं। यानी 9वीं से 12वीं तक लड़कों का ड्रॉप आउट लड़कियों के मुकाबले करीब ढाई गुना ज्यादा है। यह बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में सामने आई हैं।

शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के डेटा के अनुसार, प्रदेश के 23,494 – स्कूलों में 57 लाख लाख 69 हजार 330 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें 31,09,149 लड़के और 26,60,181 लड़कियां हैं। इन स्कूलों में 2,63,942 शिक्षक प्राइमरी में 30, हाई स्कूलों में 35 बच्चों पर कम से कम एक शिक्षा होना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 450 से ज्यादा स्कूलों में 10 से भी कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। 10 से कम छात्रों वाले स्कूल 2 फीसदी, 11 से 20 छात्रों वाले 3.8% और 21 से 30 छात्रों वाले 6.8% स्कूल हैं। प्रदेशभर में 2,418 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें पूरे वर्ष बच्चों के लिए एक भी स्वास्थ्य जांच शिविर नहीं लग पाया। 4,955 स्कूलों को अभी तक इंटरनेट की सुविधा ही नहीं मिली।

प्रदेश में 14,338 सरकारी स्कूल हैं। इनमें राज्य सरकार की ओर से 14,278 स्कूल चलाए जा रहे हैं। 35 केंद्रीय, 24 नवोदय विद्यालय और 4 अन्य सरकारी स्कूल हैं। 4 स्कूल सरकारी सहायता प्राप्त, 8,499 स्कूल प्राइवेट हैं। 653 स्कूल ऐसे हैं, जो संस्थाएं चला हैं।

चिंताजनक स्थिति यह है कि 1,066 स्कूल सिर्फ एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं, जबकि इन स्कूलों में 43,400 विद्यार्थी हैं। इन स्कूलों में औसतन 40 बच्चों पर एक शिक्षक है, जबकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत रही हैं। सरकारी स्कूलों में 1,01,670, प्राइवेट स्कूलों में 1,57,257, एडिड स्कूलों में 71, संस्थाओं द्वारा संचालित स्कूलों में 4,944 शिक्षक हैं। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में 21,625 स्पेशल बच्चे भी पढ़ाई करते हैं, जिनमें 13036 लड़के व लड़कियां 8589 हैं।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *