खेल

राम मंदिर मुद्दे पर पाकिस्तान की बयानबाज़ी उलटी पड़ी, भारत ने सुनाई सख्त नसीहत

नई दिल्ली
अयोध्या के राम मंदिर में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम पर टिप्पणी करना पाकिस्तान को भारी पड़ गया है। भारत ने पाकिस्तान से साफ कहा है कि वह लेक्चर न दे। भारत सरकार ने पाकिस्तान को बुधवार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जिसका कट्टरता और अपने अल्पसंख्यकों पर दमन का लंबा रिकॉर्ड रहा है, उसे दूसरों को लेक्चर देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के ऑफिशियल प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को दिखावटी उपदेश देने के बजाय अपने खराब ह्यूमन राइट्स रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ''हमने रिपोर्ट की गई बातों को देखा है और उन्हें उसी बेइज्जती के साथ खारिज करते हैं जिसके वे हकदार हैं। एक ऐसे देश के तौर पर जिसका अपने माइनॉरिटीज के साथ कट्टरता, दमन और सिस्टेमैटिक बुरे बर्ताव का गहरा दागदार रिकॉर्ड है, पाकिस्तान के पास दूसरों को लेक्चर देने का कोई नैतिक हक नहीं है।''

उन्होंने आगे कहा, ''पाखंडी उपदेश देने के बजाय, पाकिस्तान को अपने अंदर झांकना चाहिए और अपने खराब ह्यूमन राइट्स रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए।'' बता दें कि विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी तब आई जब पाकिस्तान ने हाल ही में अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण का विरोध किया। पाकिस्तान ने कहा कि यह कदम कथित तौर पर धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते दबाव और मुस्लिम विरासत को मिटाने की कोशिश का हिस्सा है।

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के ऊपर भगवा ध्वज फहराया, जिससे मंदिर निर्माण का आधिकारिक समापन हो गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। मोदी ने राम मंदिर ध्वजारोहण को ‘युगांतकारी’ की संज्ञा देते हुए कहा कि “सदियों के जख्म और दर्द भर रहे हैं”, क्योंकि 500 साल पुराना संकल्प आखिरकार राम मंदिर के औपचारिक निर्माण के साथ पूरा हो रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *