पंजाबराज्य

लुधियाना: दंडीस्वामी मंदिर में 38 दिवसीय भव्य उत्सव, हरिनाम संकीर्तन का 75वां वर्षगांठ भी मनाया जाएगा

लुधियाना 

पंजाब के लुधियाना में प्रतिष्ठित श्री सिद्धपीठ श्री दंडी स्वामी मंदिर में 38 दिन तक देश विदेश से संत पधारेंगे। मंदिर में 75वें श्री हरिनाम संकीर्तन एवं गौलोकवासी पंडित श्री जगदीश चंद्र कोमल महाराज के 25वें वरदान दिवस के पावन अवसर महामहोत्सव करवाया जा रहा। 

इंद्रेश महाराज 8 व 9 नवंबर को सत्संग करेंगे। उसके बाद संतों का आगमन होता रहेगा। यह धार्मिक महोत्सव 8 नवंबर, शनिवार से शुरू होकर 15 दिसंबर तक श्रद्धाभाव और हर्षोल्लास के साथ चलेगा।यह एक महीने से अधिक समय तक चलने वाला यह धार्मिक आयोजन पंजाब में पहली बार श्री दंडी स्वामी मंदिर में हो रहा है।

देश-विदेश के संत करेंगे अमृतवर्षा

सिद्धपीठ श्री दंडी स्वामी ट्रस्ट, सेवा परिकर और श्री राधा गोविंद संकीर्तन मंडल (सेवक सिद्धपीठ) की ओर से पंडित राज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस महामहोत्सव में देश-विदेश के विश्वविख्यात संत, कथा वाचक और संकीर्तनकर्ता पधार रहे हैं। ये सभी अपनी ज्ञान और भक्ति की अमृतवर्षा से भक्तों को सम्मोहित करेंगे। प्रमुख कार्यक्रम और तिथियां * शुभारंभ: 8 और 9 नवंबर को श्री धाम वृंदावन से पधार रहे सुप्रसिद्ध श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज के मंगल प्रवचनों से महामहोत्सव का शुभारंभ होगा। * श्री राम कथा: 5 दिसंबर से 13 दिसंबर तक श्री राम कथा का विशेष आयोजन श्री गौर दास जी महाराज द्वारा किया जाएगा। * भव्य शोभा यात्रा: 6 दिसंबर को दोपहर में श्री सिद्धपीठ से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। समापन महामहोत्सव का समापन 15 दिसंबर को होगा। इस दिन संक्रांति उत्सव, वरदान दिवस और सफला एकादशी का महा प्रसाद भंडारा आयोजित किया जाएगा।

प्रवचन एवं संकीर्तन के प्रमुख आकर्षण

उत्सव में श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज, श्री ज्ञानानंद जी महाराज, श्री कुंज बिहारी दास जी, श्री चित्र-विचित्र जी महाराज, श्री राधा कृष्ण जी महाराज, श्री गौर दास जी महाराज समेत 20 से अधिक विश्वविख्यात संत अपने प्रवचनों और हरिनाम संकीर्तन से भक्तों को लाभान्वित करेंगे।

ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था

भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुगम व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:

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