अध्यापन से ज्यादा आनलाइन कार्यो से शिक्षक परेशान: फेडरेशन
रायपुर
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन जिलाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन बालोद के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख का कहना है कि स्कूलों में आनलाइन एन्ट्री, डाक बनाने और आए दिन विभिन्न कार्यक्रमों के चलते शिक्षकों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है, प्रतिदिन वाट्सअप पर अनेक सूचनाएं मांगी जाती है और तत्काल जानकारी मांगी जाती है नही देने की स्थिति में कार्यालय द्वारा नोटिस निकाल दी जाती है, डाटा एंट्री, विभिन्न पोर्टल में पंजीयन, एमडीएम एंट्री, छात्रवृत्ति, स्वच्छता पखवाड़ा, खेल महोत्सव, मिशन लाइफ, यू डाइस, सहित कई कार्य तत्काल करने का दबाव रहता है। यदि किसी कारणवश जानकारी समय पर नहीं भेजी गई तो स्पष्टीकरण मांगा जाता है, जिलाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख ने बताया कि अध्यापन के बजाय शिक्षक कम्प्यूटर आपरेटर की भूमिका निभाने को मजबूर हैं तथा कई डाक मोबाइल पर तत्काल भेजी जाती है और इसी अवधि में अधिकारियों का दौरा होने पर यह शिकायत भी की जाती है कि शिक्षक पढ़ाई छोड़कर मोबाइल फोन पर व्यस्त रहते हैं जैसा कि विगत दिनों गुण्डरदेही ब्लाक में देखने को मिला।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिला उपाध्यक्ष एलेन्द्र यादव ने कहा कि अभी सरकार द्वारा आनलाइन उपस्थिति के पायलट प्रोजेक्ट के तहत शिक्षा विभाग द्वारा विद्या समीक्षा केन्द्र के एप के माध्यम से शिक्षकों की आनलाइन उपस्थिति पांच जिलों में शुरू की जा रही है तथा बाद में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में यह लागू किया जाएगा,इस पर एलेन्द्र यादव ने प्रश्न उठाया है और पूछा है कि निजी मोबाइल पर वैसे भी दसों तरह के सरकारी एप डाउनलोड पहले से ही है जिस वजह से हम शिक्षकों को हर दो-तीन साल में मोबाइल चेंज करना पड़ता है क्योंकि विभिन्न सरकारी एपों की अधिकता के कारण मोबाइल बार बार हैंग हो जाता है तथा अभी साइबर अपराध बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं और इस एप के कारण अगर किसी भी शिक्षक को आर्थिक क्षति हुई तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी, पहले सरकार यह सुनिश्चित करें कि इस एप से किसी भी तरह की साइबर फ्राड न हो सके तथा शिक्षकों की गाढ़ी कमाई पर किसी भी तरह की हानि न हो।
बालोद ब्लाक अध्यक्ष खिलानंद साहू ने बताया कि शिक्षकों को मोबाइल पर विभिन्न जानकारियां मांगी जाती है वाट्सअप ग्रुप खोलते ही रोज दो चार डाक जरुर मिलते हैं और जानकारी तत्काल एंट्री करने को कही जाती है ऐसे में पढ़ाने की मानसिकता बदल कर डाक बनाने और अन्य गतिविधियों की ओर चली जाती है, अभी एक माह रजत जयंती महोत्सव, इंस्पायर अवार्ड पंजीयन, एक पेड़ मां के नाम, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान, क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा, राष्ट्रीय अविष्कार अभियान, एमडीएम आनलाइन एन्ट्री, स्वच्छता पखवाड़ा, सांसद खेल महोत्सव, स्वच्छ एवं हरित विद्यालय में पंजीयन, जाति प्रमाण पत्र, नवोदय प्रवेश, आदि अनगिनत कार्य मोबाइल व कम्प्यूटर के माध्यम से शिक्षकों को करना पड़ता है इन सभी कार्यों के लिए किसी भी शिक्षक को मोबाइल भत्ता नहीं दिया जाता और न ही सरकारी मोबाइल उपलब्ध कराई गई है शिक्षक समुदाय सरकार से यह मांग करता है कि सरकार को मोबाइल से यह सब कार्य करवाने है तो सभी स्कूलों में सरकारी मोबाइल उपलब्ध कराएं और मोबाइल उपलब्ध नहीं कराया जाता तो इस स्थिति में सभी शिक्षकों को प्रति माह 500 रु मोबाइल भत्ता दिया जाए।
इन सभी मांगों को लेकर आवाज उठाने में जिलाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख के साथ साथ जिला उपाध्यक्ष एलेन्द्र यादव, जिला सचिव अश्वनी सिन्हा, जिला कोषाध्यक्ष दयाराम चुरेन्द्र, बालोद ब्लाक अध्यक्ष खिलानंद साहू, डौण्डी ब्लाक अध्यक्ष प्रहलाद कोसमार्य, डौण्डीलोहारा ब्लाक अध्यक्ष अनिल दिल्लीवार, गुण्डरदेही ब्लाक अध्यक्ष छबिलाल साहू, गुरुर ब्लाक अध्यक्ष उमेश कुमार साहू, मीडिया प्रभारी हेमंत देशमुख, संदीप दुबे, मदन लाल साहू, नकुल एलेन्द्र, लोकेन्द्र यादव, संभव देवांगन, जागेश्वर पटेल आदि शामिल रहे।

