राज्यहरियाणा

रेवाड़ी में स्कूल सुरक्षा बढ़ाई, नियम तोड़े तो मिलेगी सख्त सजा

रेवाड़ी 
जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) दीपिका यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी प्ले स्कूलों, निजी और सरकारी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बाल सुरक्षा से संबंधित अनिवार्य व्यवस्थाओं का सख्ती से पालन किया जाए।

यह कदम हाल ही में सामने आई एक गंभीर घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें विद्यालय परिवहन सेवा से जुड़े एक कर्मचारी पर नाबालिग बच्ची के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप लगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित विद्यालय ने न तो अपने स्टाफ का पुलिस सत्यापन कराया था और न ही स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे या महिला अटेंडेंट की व्यवस्था की गई थी।

DCPO के आदेशों के अनुसार, ''सभी ड्राइवर, कंडक्टर और गैर-शिक्षण स्टाफ का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। प्रत्येक स्कूल बस/वैन और स्कूल परिसर में CCTV कैमरे लगाए जाएं और रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखी जाए। प्रत्येक स्कूल वाहन में महिला अटेंडेंट या एस्कॉर्ट की नियुक्ति अनिवार्य होगी। स्कूलों में चाइल्ड प्रोटेक्शन पॉलिसी (Child Protection Policy) लागू की जाए और शिकायत पेटी व हेल्पलाइन नंबर की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। किसी भी घटना की सूचना तुरंत पुलिस, बाल कल्याण समिति (CWC) और DCPO को दी जाए। सभी प्ले स्कूलों का पंजीकरण NCPCR के सरल पोर्टल पर अनिवार्य किया जाए।

DCPO दीपिका यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना की गई, तो उसके खिलाफ POCSO एक्ट, जेजे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल इन सुरक्षा मानकों का पालन करें और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की अनदेखी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है और दोषी संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *