जातिगत जनगणना वंचित वर्गों का अधिकार है, केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर लागू होगा हिस्सेदारी न्याय योजना
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर देश मे वंचित वर्गों को उनका अधिकार देने जातिगत जनगणना करवाई जाएगी। केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी जनगणना के जिम्मेदारी से लगातार भाग रही है। 2011 के बाद से देश में आम जनगणना नहीं हुआ है। जनगणना के आंकड़े अलग-अलग वर्गों के असलियत को प्रदर्शित करते है जिसके आधार पर सामाजिक न्याय के कार्यक्रम बनाये जाते है। जब जनगणना ही नहीं होगा तो वास्तविक स्थिति सामने कैसे आयेगी?
देश में जाति आधारित गिनती इसलिये ज़रूरी है-
5. देश के सभी संसाधनों के न्यायपूर्ण बंटवारे के लिए सर्वे करके यह पता लगाना ज़रूरी है कि देश के संसाधनों और शासन चलाने वाली संस्थाओं पर आखिर किसका क़ब्ज़ा है। इसीलिए जाति जनगणना के साथ-साथ देश की संपत्ति और सरकारी संस्थाओं का सर्वे करना भी आवश्यक है ताकि हम समय-समय पर नए आंकड़ों के आधार पर सुधार करते रहें और प्रभावी नीतियों का निर्माण कर सामाजिक और आर्थिक न्याय के सपने को साकार किया जा सके।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भारतीयज जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार की प्राथमिकता में केवल चंद पूंजीपति मित्र है। सामाजिक न्याय से भारतीय जनता पार्टी का कोई सरोकार नहीं है। भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस मूलतः अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिला विरोधी है, जातिगत जनगणना का विरोध करके भाजपाई अपने जनविरोधी षड़यंत्रों को ही प्रमाणित कर रहे है। जाति समूहों, राष्ट्रीय संपत्तियों और शासन प्रणालियों में हिस्सेदारी का यह सर्वेक्षण – जिसे सामूहिक रूप से एक व्यापक सामाजिक और आर्थिक जाति जनगणना कहा जाता है – के द्वारा ही हम एक ऐसा भारत सुनिश्चित कर सकते हैं जहां हर किसी को समान अवसर मिले।

